क्या होता है कोमा में जाने के बाद

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अगर आप एक इंसान हो तो आप अपने दुश्मनों को भी वहां भेजना नहीं चाहोगे लेकिन दुख की बात तो यह है कि कुछ लोगों ने अपनी जिंदगी में ही नर्क को देखा है और लौट के वापस भी आए हैं |

चलिए अब बात करते है ऐसे ही एक सक्स के बारे में जिसका नाम है – मार्टिन पिस्टोरियस \

मार्टिन पिस्टोरियस साउथ अफ्रीका में रहने वाला एक आम सा 12 साल का बच्चा था उसकी जिंदगी काफी खुशी से गुजर रही थी कि जनवरी 1988 में उसके साथ एक ऐसी घटना हुई उसके जिंदगी को हमेशा के लिए बदल डाला उस दिन जब वह स्कूल से वापस आ रहा था तब उसने बताया कि उसके गले में थोड़ी सी खराश है जो कि सुनने में तो इतनी बड़ी बात नहीं लग रही थी लेकिन दुखद बात तो यह थी कि उस दिन के बाद मार्टिन कभी स्कूल वापस नहीं जाने वाला था | 

महीने भर में ही उसकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई कुछ दिनों बाद उसका अपने शरीर पर नियंत्रण ही लगभग खत्म हो गया | और इसके साथ-साथ मानसिक रूप में सोचने और समझने की क्षमता और यहां तक कि याददाश्त कमजोर हो गई, और इससे पहले कि किसी को कुछ पता चलता वह कोमा में चला गया |

अब इस बीमारी की क्या वजह थी यह तो आज तक किसी को पता नहीं चल सका लेकिन उसका तो यह मानना था कि उसे क्रिप्टॉकोक्कल मेनिनजाइटिस या फिर हो सकता है उसे पहले भी यह बीमारी थी पर आप बहुत लेट हो चुका था और इसे ठीक करवाने के लिए डॉक्टर के पास कोई तरीका नहीं था सारे ट्रीटमेंट के मार्जिन पर तिल होने के कुछ ही दिनों बाद उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया और उनके माता-पिता माता-पिता को यह बताया गया या भगवान या फिर कोई चमत्कार ही उनके बच्चे को बचा सकता है मार्च में पूरी तरह बाहरी दुनिया से संबंध तोड़ चुका था वह बस एक जिंदा लाश की तरह था और उसके वापस पहले जैसे होने की संभावना भी ना के बराबर थी सब लोग मगर उसके ठीक होने की कामना कर रहे थे लेकिन वोट ही कब कितने समय बाद होता या फिर कभी होता भी यह कोई नहीं बता सकता था वैसे आपने अनुसार कोमा में जाने के बाद लगभग 58% लोग कभी वापस जिंदा नहीं हो पाते और उसमें से भी 4 दिन कोमा में रहने के बाद जिंदा हो पानी क्या उसमें आप आने का चांस सिर्फ 7:00 परसेंट ही बसता है जो फिर 2 हफ्ते बाद सिर्फ परसेंट हो जाएगा तो इंसान के पास ज्यादा समय नहीं होता कुमार सेन लड़के बाहर निकल पाने के लिए लेकिन यह काफी चौंकाने वाली बातें की मां आंकड़ों को चुनौती देते हुए कहा कि लंबे समय तक जिंदा रह सका और साथ में ही उसके वापस ठीक होने की उम्मीद क्या यह वास्तव में माटी रहा था असल जिंदगी थी तकरीबन 10 साल से भी ज्यादा या 1 साल के रूप में अब यह मान चुके थे कि बस खत्म अब कोई भी उम्मीद नहीं बची है इनकी मां विभागों के उसके सामने रोते हुए कहती कि काश उसे इस दर्द से आजादी मिल जाए लेकिन एक दिन एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसने सभी को हिला कर रख दिया 25 साल की उम्र में मां को होशियार चुकी थी उसके फैमिली में उस दिन सभी खुशी के आंसू रोए लेकिन कहानी बस यहां पर खत्म नहीं होती क्योंकि मार्टिन के होश में आते ही बोलने वाला था वह सभी रहस्य अंदर 10 साल से दबाए हुए था एक ऐसी सच्चाई बताने वाला था ऐसे सुनकर सभी के रोंगटे खड़े होने वाले हैं मार्टिन के मुताबिक कोमा में जाने के कुछ ही सालों बाद वह होश में आ गया उसकी कॉन्शसनेस दोबारा गई थी उसे पता चलने लग गया था कि क्या क्या हो रहा है आसपास लेकिन उसका शरीर अभी भी बेजान बड़ा था वह सब की बातें सुन तो सकता था लेकिन कुछ भी बोल नहीं सकता था बिल्कुल किसी फूल की तरह को एक ऐसी राक्षसों की दुनिया में कैद हो गया था जहां से वापस पाना नामुमकिन था उसने कहा कि जिस दिन उसे यह बात का एहसास हुआ कि अब वह दुनिया को बस इसी तरह ही देख और महसूस कर पाएगा उसे बहुत दर्द हुआ वह अंदर से बिल्कुल नॉर्मल हो गया था यह बात बाहर तक कैसे पहुंचाया जाए कीबोर्ड ठीक हो गया है जब वह अपनी एक उंगली भी ना उठा सके उसे अपनी पूरी जिंदगी एक लाश के अंदर जीने के अलावा और कोई भविष्य नहीं दिखता उससे भी दुखद बात यह है कि उसे अपने मां के रोने की आवाजें भी सुनाई देती और उन्हें यह कहते हुए भी सुनता था कि अच्छा होता अगर यह सब कुछ इधर ही खत्म हो जाए तो आप नाच सकते हो कि क्या बीत रही होगी मार्टिन पर वह लेकिन वह अपनी मां को समझता था कि यह सब उसी की भलाई के लिए सोच रहे थे लेकिन यदि एक ऐसे इंसान थे जिन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था वह हर रोज उसे साफ कर दे अपने हाथों से खाना खिला दे और उसके शरीर का मसाज भी करते ताकि वह स्वस्थ रह सकें अपने दिमाग को ट्रेन करने के लिए मार्च दिमाग में ही सारे पहेलियां सुलझाया करता था और यहां तक कैलकुलेशन करता था पूरी तरह स्वीकार कर लिया था अब उसकी दुनिया है अब यह कहना गलत नहीं होगा कि ऐसी परिस्थिति में आकर कोई भी नॉर्मल इंसान अपने आप को ही खो बैठेगा और शायद फिर से पागल हो जाए लेकिन हिम्मत बनाए रखें और आखिर में हिम्मत ने उसे सफलता दादी एक दिन सब कुछ बदल गया जब मार्टिन के रेगुलर पर मेरे चेकअप में उसने किसी तरह से यह जता दिया कि वह होश में आ चुका है यह बात उसने सिर्फ अपने आंखों से जताई और खुशकिस्मती से उस पर कॉल भी कर पाया गया उसके बाद उसे तुरंत एक स्पेशल सेंटर ले जाया गया जहां पर उस पर कुछ टेस्ट किए गए यह जानने के लिए कि वह असल में कॉन्शियस है या फिर यह सिर्फ एक इत्तेफाक था और फिर जब मार्ट इतने सारे टेस्ट पास कर दिए तो सबको मालूम पड़ गया कि यह आखिर सच्चाई है उसके बाद मां जिनकी मां ने अपनी जॉब छोड़ दी और उसकी मदद करने में और उसका ख्याल रखने में लग गई उसके बाद उन्होंने एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया जिसकी मदद से मार्टिन बातचीत कर सकें और इतना ही नहीं जैसे कि मार्टिन के पास यह कमीनी के करने की काबिलियत आ गई मां ने अपनी कॉलेज डिग्री तक ले ली और उसके बाद एक कंपनी में जॉब भी मिल गया अब इसे कहते हैं असली चश्मा जिनके चेहरे पर फेशियल एक्सप्रेशंस आना भी शुरू हो गए और उसका पूरा शरीर ही काम करने लग गया उसने अपनी बहन की 12 से शादी कर ली और उसके बाद हमेशा खुश रहा 2011 में उसने पुलिस की पोस्ट बॉय के नाम से जिसमें उसने अपने सारे अनुभव शेयर किए हैं और बताया कि कैसे वह एक ऐसी दुनिया में कैद था जहां वह दोबारा कभी भी नहीं जाना चाहेगा और कोई भी नहीं जाना जाएगा माटी के लिए एक इंस्पिरेशन है यह साबित करता है कि उम्मीद निश्चित सा और मेहनत से आप जिंदगी में कुछ भी हासिल कर सकते हो मुझे पर्सनली भी हमारे प्रिय साइंटिस्ट से काफी मिलती जुलती लग तो ऐसा रहा हमें कुछ सीखना चाहिए यह वीडियो देखने का बहुत शुक्रिया उम्मीद है आपको यह वीडियो पसंद आया 

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